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वसूली की कई खबरें आती रहती है, कभी किसी नाम से कभी किसी नाम से। अब खबर ऋषिकेश से हैं जहां धारमूचक मारखम ग्रांट में मीट बेचने वाले दुकानदारों को चालान का डर दिखाकर एक सफाई कर्मी ने फर्जी अधिकारी बनकर दुकानदारों से वसूली शुरू कर दी। लेकिन शक होने पर दुकनदारों ने उसे दबोच लिया। इसके बाद उसे एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल के पास लेकर गए। इस दौरान पूछताछ में पता चला कि खुद को अधिकारी बताने वाले नगरपालिका का आउट सोर्स का सफाई कर्मचारी है। पालिका के ईओ ने कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को एक युवक खुद को अधिकारी बताते हुए मीट की दुकानों पर पहुंचा। दुकानदारों को उसने बताया कि मीट के सैंपल लेने और बगैर लाइसेंस दुकान चलाने वालों के चालान करने के लिए उसे एसडीएम ने भेजा है। इस दौरान वह दुकानदारों को चालान का डर दिखाकर पैसे मांगने लगा। कई लोगों को उसकी बातों पर शक हुआ। जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से उसे दबोच लिया। उसे पकड़कर एसडीएम डोईवाला के पास लेकर गए।पूछताछ में उसने बताया कि वह नगर पालिका का आउटसोर्स का सफाई कर्मचारी है। एसडीएम ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी उत्तम सिंह नेगी को कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि आउटसोर्स के सफाई कर्मचारी को हटा दिया गया है। इस मामले एसडीएम को जानकारी दे दी गई है।

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