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रामनगर के पूछड़ी क्षेत्र में वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने की सुबह तड़के शुरू हुई। इस दौरान 15 पक्के मकान समेत 51 परिवारों के अतिक्रमण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस को हल्का विरोध भी झेलना पड़ा, लेकिन भारी पुलिस बल होने की वजह से अतिक्रमण आसानी से हटाया जा सका। 

तराई पश्चिमी वन प्रभाग की रामनगर रेंज में वन विभाग की अनदेखी के चलते करीब एक दशक पूर्व 100 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर अतिक्रमण के साथ ही अवैध कॉलोनी काटी गई। इस दौरान 10 रुपये के स्टांप पर लोगों को जमीन बेची गई। स्टांप पर जमीन बेचने के मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। इस बीच करीब 170 परिवार इस भूमि बस चुके थे। प्रशासन ने इस क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए तीन चरण बनाए हैं। पहले चरण के लिए 51 परिवारों को चिह्नित कर निशान लगाए गए हैं।

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रविवार सुबह पुछड़ी क्षेत्र में 300 पुलिसकर्मी की मौजूदगी में 8 जेसीबी व दो पोकलैंड की मद्द से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। टीम ने सुबह 11 बजे तक 90 फीसदी से अधिक अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान यहां रह रहे लोग अपना सामान लेकर जाते दिखाई दिए। वही कई लोग अपने ध्वस्त हो चुके मकानों को देखते रहे। इस बीच उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी ने कहा कि सरकार क़ानूनों का उल्लंघन कर कार्रवाई कर रही है।

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सीओ सुमित पांडेय ने बताया कि अतिक्रमण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही स्टाम्प पर जमीन बेचने वाले आरोपियों के खिलाफ भी अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। 

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