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नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायलय ने काशीपुर के किसान की आत्महत्या मामले में नामजद लोगों की गिरफ्तारी पर रोक समेत दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के मामले में सुनवाई की। न्यायमूर्ती आशीष नैथानी की एकलपीठ ने फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं देते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि मामले की क्या स्थिति है, कल तक न्यायलय को बताएं। मामले की सुनवाई कल भी जारी रहेगी।

मामले के अनुसार, शनिवार देर रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक पर लाइव होकर कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। यही नहीं, सुखवंत ने ऊधम सिंह नगर के एस.एस.पी.मणिकांत मिश्रा समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर संगीन आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि उनके साथ जमीन के मामले मे धोखाधड़ी हुई है और उनसे लगभग चार करोड़ रुपये ठग लिए गए।

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जब उन्होंने इसकी शिकायत बार बार पुलिस से की तो पुलिस ने उनकी शिकायत पर अमल नही किया और उल्टा उनको डरा धमकाकर भगा दिया। उनकी आत्महत्या के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 लोगों पर आई.टी.आई. थाने में नामजद मुकदमा दर्ज किया। यह कार्रवाई मृतक के भाई की तहरीर पर की गयी।

पुलिस ने अमरजीत सिंह, दिव्या, रविन्द्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविन्दर सिंह उर्फ ‘जस्सी’, हरदीप कौर, आशीष चौहान, गिरवर सिंह, महीपाल सिंह, शिवेन्द्र सिंह, विमल, विमल की पत्नी, देवेन्द्र, राजेन्द्र, गुरप्रेम सिंह, जगपाल सिंह, जगवीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, बलवन्त सिंह बक्सौरा, बिजेन्द्र, पूजा और जहीर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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आज हुई सुनवाई पर याचिकाकर्ता कि तरफ से कहा गया कि उनका इस केस से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें इस केस में गलत फंसाया गया है क्योंकि ये केस दो पक्षों के बीच आपसी जमीन विवाद से जुडा है। जबकि किसान ने आत्महत्या की है। इसलिए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाय और दर्ज मामले को निरस्त किया जाय। न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सरकार से कल तक स्थिति से अवगत कराने को कहा है।

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