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देहरादून। मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में जिला प्रशासन एवं पुलिस की ओर से व्यापक आपदा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और राहत एवं बचाव अभियान जैसी विभिन्न आपदा परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास कराया गया। मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर-द्वितीय नितिन लोहनी ने सभी टीमों को किस तरह जल्द से जल्द घायलों को अस्पताल पहुँचाया जाए के लिए ब्रीफ किया।

मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया, बचाव कार्य और राहत व्यवस्था की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। आपदा की स्थिति में घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने तथा सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास भी किया गया।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को मॉक ड्रिल में पूरी गंभीरता के साथ भाग लेने के निर्देश दिए और कहा कि इस प्रकार के अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक मशीनरी की तत्परता सुनिश्चित करना है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि मॉक ड्रिल के दौरान किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।

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प्रशासन के अनुसार, मानसून सीजन को देखते हुए जिले के सात संवेदनशील स्थानों पर इस प्रकार के मॉक ड्रिल आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी और समन्वय के साथ संचालित किए जा सकें।

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