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नैनीताल। जनपद नैनीताल के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव–वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा निर्णय लिया है। विकासखंड धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ में स्थित सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 21 जनवरी 2026 तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि हाल के दिनों में इन क्षेत्रों में आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता की सूचनाएं लगातार मिल रही हैं। भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बच्चों को स्कूल और आंगनबाड़ी पहुंचने के लिए सुनसान रास्तों, पगडंडियों और वन क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

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बच्चों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, संबंधित विकासखंडों में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय (कक्षा 1 से 12 तक) तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्र 19 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक (तीन दिन) पूर्ण रूप से बंद रहेंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस अवधि में किसी भी बच्चे को विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र नहीं बुलाया जाएगा। वन विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय कर स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी। हालात सामान्य होने पर आगे के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।

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मुख्य शिक्षाधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि यह सूचना समय रहते अभिभावकों तक पहुंचाई जाए। आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

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