ख़बर शेयर करें -

नैनीताल: गुरुवार को उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड, नैनीताल को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त होने की सूचना पर पुलिस प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। प्रकरण की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर त्वरित कार्रवाई प्रारम्भ की गई।

सूचना मिलते ही आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुँचीं और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके निर्देशन में न्यायालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक एवं बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई।

इस मौके पर एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टी.सी., एसपी क्राइम, डॉ. जगदीश चंद्रा तथा सी.एस.ओ. राकेश बिष्ट उच्च न्यायालय उपस्थित रहे। आईजी कुमायूँ ने एसएसपी नैनीताल को निर्देशित किया गया कि उच्च न्यायालय की समस्त सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कर 03 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: शराब पीकर उत्पात मचाने वाले 40 हुड़दंगी व 11 नशेड़ी चालक गिरफ्तार पहुंचाया हवालात…

यह देखिए वीडियो..

इस दौरान मुख्य सुरक्षा अधिकारी उच्च न्यायालय तथा पुलिस उपाधीक्षक राकेश बिष्ट को भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। न्यायालय परिसर में सघन चेकिंग, एंटी-सैबोटाज जांच, डॉग स्क्वॉड एवं बम निरोधक दस्ते द्वारा विस्तृत निरीक्षण कराया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर प्रत्येक आगंतुक की गहन तलाशी सुनिश्चित की गई।

सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने हेतु स्थानीय पुलिस बल के अतिरिक्त 01 कम्पनी पी.ए.सी. तथा ए.टी.एस. की टीम भी तैनात की गई है। उच्च न्यायालय के प्रत्येक एंट्री गेट पर बार एसोसिएशन नैनीताल द्वारा अधिकृत (Authorization) लेटर जारी किए जाएंगे तथा बाहरी व्यक्तियों की एंट्री केवल उक्त प्राधिकृत पत्र के आधार पर ही सुनिश्चित की जाएगी।

आई0जी0 कुमायूँ द्वारा विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि—

न्यायालय परिसर में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा सुनिश्चित किया जाए।

सीसीटीवी कैमरों की 24×7 सतत मॉनिटरिंग की जाए।

यह भी पढ़ें 👉  Breaking: यहां नदी पर बना पुल टूटा, आवाजाही ठप....

साइबर सेल द्वारा प्राप्त ई-मेल की तकनीकी जांच कर स्रोत का शीघ्र पता लगाया जाए।

न्यायालय परिसर में आने वाले प्रत्येक बाहरी व्यक्ति का पृथक रजिस्टर अनिवार्य रूप से मेंटेन किया जाए, जिसमें उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचान-पत्र का विवरण, आगमन का उद्देश्य एवं समय अंकित किया जाए।

किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य एस.टी.एफ. तथा केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर तकनीकी एवं खुफिया स्तर पर गहन जांच की जा रही है।
कुमायूँ पुलिस आमजन को आश्वस्त करती है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा न्यायालय की गरिमा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण सतर्कता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad