ख़बर शेयर करें -

हल्द्वानी – सोशल मीडिया पर दिए गए विवादित और आपत्तिजनक भाषा और बयानों के चलते इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद यह आदेश पारित किया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह देखिए वायरल वीडियो..

ज्योति अधिकारी पर कुमाऊं की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। आरोपों के अनुसार, उन्होंने सार्वजनिक मंच और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए कुमाऊं की महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, साथ ही लोक देवताओं को फर्जी बताकर उनकी आस्था पर सवाल खड़े किए। इसके अलावा, खुलेआम दराती लहराने का वीडियो भी सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 33% महिला आरक्षण अविलंब लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस का धरना

गुरुवार शाम मुखानी थाना पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता जूही चुफाल की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इन बयानों से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी, जिसे देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: एसएसपी ने किए 4 इंस्पेक्टर, 47 दरोगाओं के ट्रांसफर.. देखिए लिस्ट...

पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल ज्योति अधिकारी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। जानकारी के अनुसार,आज शुक्रवार को उनके वकील कोर्ट में बेल के लिए कोशिश कर सकते हैं।

यह मामला एक बार फिर इस बात पर बहस को तेज करता है कि सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले लोगों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक संवेदनशीलता का संतुलन कितना जरूरी।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad