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हल्द्वानी: नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (NNF) इंडिया द्वारा रविवार को पूरे देश में “NRP दिवस” मनाया गया। इस अवसर पर देशभर में बड़े स्तर पर कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हजारों स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।

यह अभियान NNF इंडिया के अध्यक्ष डी. लल्लन कुमार भारती के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद समय पर एवं प्रभावी पुनर्जीवन सहायता मिल सके।

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विशेषज्ञों के अनुसार भारत में नवजात मृत्यु दर अभी भी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। जन्म के समय शिशु का सांस न ले पाना कई मौतों का प्रमुख कारण होता है। ऐसे में जन्म के बाद शुरुआती कुछ मिनटों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दी गई सहायता नवजात के जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

NNF इंडिया द्वारा शुरू किए गए इस राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत देशभर में 998 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 20 हजार स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह अभियान महानगरों से लेकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक संचालित किया जा रहा है।
उत्तराखंड में भी विभिन्न केंद्रों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की ट्रेनर डॉ. बिंदु देउपा ने बताया कि प्रशिक्षण में 10 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया तथा इसमें सरकारी एवं निजी दोनों क्षेत्रों के स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए।
NNF इंडिया ने इस अभियान के समन्वय, मानकीकरण और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे सभी केंद्रों पर उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

यह राष्ट्रव्यापी पहल एक ही दिन में सबसे अधिक नवजात पुनर्जीवन प्रशिक्षण आयोजित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

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