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हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र द्वारा “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा में गुणवत्ता” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश के पूर्व कुलपति प्रो. एन. सी. गौतम मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

अपने व्याख्यान में प्रो. गौतम ने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक परिवर्तन लाने की आंतरिक प्रतिबद्धता विकसित करना भी है। उन्होंने शिक्षण कार्यक्रमों को अधिक शिक्षार्थी-केंद्रित बनाने पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक पहल का केंद्र शिक्षार्थी की आवश्यकताएँ और उसका समग्र विकास होना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के पाँच प्रमुख स्तंभों की व्याख्या करते हुए बहुविषयक दृष्टिकोण के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष बल दिया। उन्होंने कौशल-आधारित शिक्षा की आवश्यकता रेखांकित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को उद्योगों से संवाद स्थापित कर यह जानना चाहिए कि वर्तमान समय में किन कौशलों की आवश्यकता है और उसी के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं नए कार्यक्रम विकसित किए जाने चाहिए।

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प्रो. गौतम ने उद्योग और अकादमिक जगत के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के विस्तार, लघु क्रेडिट आधारित अध्ययन सामग्री एवं पुस्तकों के लेखन तथा विद्यार्थियों को क्रेडिट अर्जित करने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों में उपयोगिता और सुलभता सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा समय-समय पर उनमें संशोधन, उन्नयन और कौशल आधारित घटकों का समावेश किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विश्वविद्यालय की वेबसाइट एवं पाठ्यक्रम संबंधी सूचनाओं की प्रस्तुति को और अधिक प्रभावी एवं शिक्षार्थी-अनुकूल बनाने का भी सुझाव दिया।

इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय निरंतर गुणवत्ता सुधार की दिशा में अग्रसर है और अभी इस क्षेत्र में अनेक संभावनाएँ शेष हैं। उन्होंने पाठ्यक्रमों में कौशल विकास को और अधिक सशक्त बनाने तथा देश के अन्य अग्रणी विश्वविद्यालयों की सफल एवं नवाचारी पहलों को अपनाकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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कार्यक्रम का संयोजन सीआईक्यूए के अपर निदेशक प्रो. गगन सिंह द्वारा किया गया। सीआईक्यूए के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में प्रो. पी. डी. पंत, प्रो. रेणु प्रकाश, प्रो. दीगर फरस्वाण सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक एवं अन्य शिक्षकों ने सहभागिता की।

व्याख्यान के उपरांत मुख्य अतिथि प्रो. एन. सी. गौतम ने माननीय कुलपति एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास का संदेश भी दिया।

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