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राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा दिनांक 30 सितम्बर को आंगनबाड़ी केन्द्र, कमलुवागांजा मेहता में पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग के शिक्षक द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, धात्री महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा अभिभावकों को जंक फूड के अत्यधिक सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें पैकेज्ड एवं अत्यधिक नमक, चीनी और वसा युक्त खाद्य पदार्थों के स्थान पर स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, संतुलित आहार, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया गया। गृह विज्ञान के शिक्षकों ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, लाभार्थी महिलाओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण सम्बन्धी जानकारी दी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था की गई। महिलाओं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संतुलित आहार, धात्री महिला का भोजन, बालिका के लिए उत्तम पोषण, विटामिन-ए, शिशु और छोटे बच्चों का आहार, पोषक युक्त आहार, डेंगू, मलेरिया, टीकाकरण, टी० बी०, स्वच्छ जल, व्यक्तिगत स्वच्छता, एनीमिया, माहवारी के दौरान स्वच्छता एवं साफ- सफाई, गर्भावस्था के दौरान देखरेख, नवजात शिशुओं की देखरेख विषयों पर पेम्फ्लेट वितरित किये गए। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों के लिए शिक्षाप्रद पोस्टर एवं शिक्षाप्रद खेल सामग्रियों का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र के लाभार्थियों को सैनिटरी नैपकिन भी वितरित किये गए और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा की निदेशक प्रो० मंजरी अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की उपयोगिता पर बल देते हुए समुदाय स्तर पर पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ० दीपिका वर्मा, डॉ० प्रीति बोरा, श्रीमती मोनिका द्विवेदी तथा डॉ० ज्योति जोशी और आंगनवाड़ी केन्द्र की प्रभारी श्रीमती नीमा रुवाली व सहायिका श्रीमती बबीता उपस्थित थे। कार्यक्रम के माध्यम से पोषण माह के संदेश को समुदाय तक पहुंचाने तथा स्वस्थ एवं जागरूक जीवनशैली के प्रति सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया।

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