ख़बर शेयर करें -

नैनीताल: नैनीताल में प्रशासन ने सरकारी सेवकों के आचरण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अलग-अलग मामलों में अनुशासनहीनता और शासकीय नियमों के उल्लंघन पर दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

स्थानांतरण विरोध पड़ा महंगा

राजस्व विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक विजय सिंह गैड़ा को अपने स्थानांतरण आदेश के विरोध में सार्वजनिक मंच से शासकीय निर्णय की आलोचना करना, कार्यालय परिसर में उग्र प्रदर्शन और शासकीय रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करना भारी पड़ गया। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने उन्हें भर्त्सना की सजा दी है। साथ ही उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां दो साल के लिए रोक दी गई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने सेवा मामलों में बाहरी दबाव बनाने की कोशिश की, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।

यह भी पढ़ें 👉  दुग्ध उत्पादकों को 2 रुपये बढ़ोतरी की सौगात, लालकुआँ दुग्ध संघ में उमड़ा जनसैलाब

RTI के दुरुपयोग पर चेतावनी और स्थानांतरण

वहीं, जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक मोहम्मद अकरम पर सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के दुरुपयोग का मामला सामने आया। उन्होंने अपने ही कार्यालय से बड़ी मात्रा में सूचना मांगी, जिसे कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत के बाद लगभग 3000 पृष्ठों में नि:शुल्क तैयार किया। लेकिन बाद में बिना कारण बताए सूचना लेने से इनकार कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: डंपर की टक्कर से युवक की मौत, साथी घायल

इसे शासकीय संसाधनों और समय की बर्बादी मानते हुए उन्हें औपचारिक चेतावनी दी गई है और जिला मुख्यालय से स्थानांतरण कर दिया गया है।

सख्त संदेश… जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासकीय सेवकों से अनुशासन, मर्यादा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। नियमों की अनदेखी या सरकारी तंत्र को बाधित करने वाला कोई भी कृत्य किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad