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देहरादून। उत्तराखंड के जलागम प्रबन्धन मंत्री राम सिंह कैड़ा ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

जलागम मंत्री ने कहा कि प्रदेेश के पर्वतीय तथा मैदानी क्षेत्रों में जल संरक्षण हेतु चाल-खाल के माध्यम से जलागम प्रबन्धन विभाग द्वारा जल संरक्षण तथा जल स्त्रोत रिचार्ज का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की छोटी-बड़ी सभी नदियों का संरक्षण का कार्य भी विभाग द्वारा किया जा रहा हैै। उन्होंने छोटे-छोटे नौले-धारे के सुदृढ़ीकरण एवं संरक्षण पर भी ध्यान देने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

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जलागम मंत्री ने कहा कि हमारा उद्वेश्य चयनित सूक्ष्म जलागम क्षेत्रों में ग्रामीण समुदाय की सहभागिता से प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग की दक्षता एवं कृषि की उत्पादकता में वृद्धि करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण विकास पर जोर देना है। उन्होंने नदियों के संरक्षण के साथ ही साथ नदियों के तटों पर बसे गांवों के संरक्षण तथा सुदृढ़ीकरण के लिए कार्य करने हेतु भी अधिकारियों को निर्देशित किया।

मंत्री ने जलागम के अन्तर्गत राज्य स्तरीय स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजुविनेशन प्राधिकरण (एसएआरआरए), विश्व बैंक पोषित उत्तराखण्ड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना (यूसीआरआरएफपी), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई डब्ल्यूडीसी-2) तथा जलागम प्रबन्धन द्वारा चलाई जा रही अन्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि विभाग द्वारा सभी कार्य जनता के हित को ध्यान में रखकर ससमय पूर्ण किये जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की गुणवत्ता बनाये रखने पर भी विशेष जोर देने के निर्देश दिये।

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इस अवसर पर अपर सचिव हिमांशु खुराना, परियोजना निदेशक कहकशा खान, तथा अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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